• समाचार के लिए भुगतान: मेटा, कानून और स्वतंत्र पत्रकारिता में रस्साकशी

    Author(s):
    Pramod Ranjan (see profile)
    Date:
    2023
    Group(s):
    Communication Studies, Scholarly Communication
    Subject(s):
    Digital media--Political aspects, Facebook (Firm), Google (Firm), Journalism--Objectivity, Indian press, Online journalism, Journalism
    Item Type:
    Article
    Tag(s):
    Bill C-18, canada media law, australia media law, The News Media Bargaining Code, NMBC, NMBC, News Media and Digital Platforms Mandatory Bargaining Code
    Permanent URL:
    https://doi.org/10.17613/a035-hn46
    Abstract:
    आस्ट्रेलिया ने 2021 में मीडिया संस्थानों के हितों की रक्षा के लिए ‘समाचार मीडिया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म अनिवार्य सौदेबाजी कानून’ बनाया था। 2023 में ऐसा ही कानून कैनेडा में बनाया गया। भारत समेत कई अन्य देश भी ऐसे कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं। टेक-कंपनियां ऐसे कानूनों का विरोध करती हैं तथा अपनी शर्तें न माने जाने की स्थिति में अपनी सेवाओं को बंद कर देने की धमकी देती हैं। दूसरी ओर, ऐसे कानून बनाने के लिए बड़ी मीडिया-कंपनियां लॉबिंग करती हैं। जबकि छोटे समाचार-व्यवसायों के लिए इस प्रकार के कानून हानिकारक ही साबित होते हैं। इस आलेख में इससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया है।
    Notes:
    यह आलेख समयांतर, जन मीडिया, जनपथ और न्यूज राइटर्स डॉट इन पर प्रकाशित हुआ था। जनपथ पर इसका शीर्षक था: "बिग-टेक के रहमो-करम पर देशों की संप्रभुता और स्वतंत्र पत्रकारिता"। जनपथ पर यहां देखें: https://junputh.com/column/big-tech-duopoly-and-threat-to-sovereign-legislations-and-journalism/
    Metadata:
    Published as:
    Journal article    
    Status:
    Published
    Last Updated:
    5 months ago
    License:
    Attribution-NonCommercial

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