• सच कहने का समय: सेना के भीतर युद्ध (भारतीय सेना में जातिवाद)

    Author(s):
    Pramod Ranjan (see profile)
    Date:
    2012
    Group(s):
    Sociology
    Subject(s):
    Indian National Army, Caste, Brahmans, Rajput (Indic people)
    Item Type:
    Article
    Tag(s):
    जातिवाद, भारतीय सेना
    Permanent URL:
    https://doi.org/10.17613/5jfw-rx89
    Abstract:
    इस आलेख में बताया गया कि भारतीय सेना के सर्वोच्च पदों पहुंचने वाले लोग ऊंची जातियों से आते हैं। सेना में इनके भीतर जाति के आधार पर वचर्स्व की लड़ाई भी चलती रहती है। सन् 2012 में जनरल वीके सिंह से संबंधित विवाद इसी प्रकार के जाति-युद्ध का नतीजा था। सेना के सर्वोच्च स्तर पर मौजूद ये प्रवृत्तियां भारत की सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं।
    Notes:
    यह लेख द्विभाषी (हिंदी-अंग्रेजी) पत्रिका फारवर्ड प्रेस के जून, 2012 अंक में प्रकाशित हुआ था। अंग्रेजी में इसका शीर्षक था: “Time for truth: War within the army” इसे यहां भी देखा जा सकता है: https://doi.org/10.17613/gd1w-3q68
    Metadata:
    Published as:
    Magazine section    
    Status:
    Published
    Last Updated:
    1 year ago
    License:
    Attribution-NonCommercial

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    Item Name: pdf भारतीय-सेना-में-जातिवाद-प्रमोद-रंजन-फारवर्ड-प्रेस-जून-2012-1.pdf
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